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| − | '''حرکت بہ وادی یرغمید کہ ملائکہ'''
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| − | حرکت بہ وادی یرغمید کہ ملائکہ او را وادی طواسین می نامند"
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| − | رومی آن عشق و محبت را دلیل
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| − | تشنہ کامان را کلامش سلسبیل
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| − | گفت "آن شعری کہ آتش اندروست
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| − | اصل او از گرمی اﷲ ہوست
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| − | آن نوا گلشن کند خاشاک را
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| − | آن نوا برھم زند افلاک را
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| − | آن نوا بر حق گواہی میدہد
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| − | با فقیران پادشاہی میدہد
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| − | خون ازو اندر بدن سیار تر
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| − | قلب از روح الامین بیدار تر
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| − | اے بسا شاعر کہ از سحر ہنر
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| − | رہزن قلب است و ابلیس نظر
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| − | شاعر ہندی خدایش یار باد
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| − | جان او بے لذت گفتار باد
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| − | عشق را خنیاگری آموختہ
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| − | با خلیلان آزری آموختہ
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| − | حرف او چاویدہ و بے سوز و درد
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| − | مرد خوانند اھل درد او را نہ مرد
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| − | زان نوای خوش کہ نشناسد مقام
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| − | خوشتر آن حرفی کہ گوئی در منام
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| − | فطرت شاعر سراپا جستجوست
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| − | خالق و پروردگار آرزوست
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| − | شاعر اندر سینۂ ملت چو دل
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| − | ملتی بے شاعری انبار گل
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| − | سوز و مستی نقشبند عالمے است
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| − | شاعری بے سوز و مستی ماتمی است
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| − | شعر را مقصود اگر آدم گری است
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| − | شاعری ہم وارث پیغمبری است"
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| − | گفتم از پیغمبری ہم باز گوی
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| − | سر او با مرد محرم باز گوی
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| − | گفت "اقوام و ملل آیات اوست
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| − | عصر ہای ما ز مخلوقات اوست
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| − | از دم او ناطق آمد سنگ و خشت
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| − | ما ہمہ مانند حاصل، او چو کشت
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| − | پاک سازد استخوان و ریشہ را
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| − | بال جبریلی دہد اندیشہ را
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| − | ہاے و ہوی اندرون کائنات
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| − | از لب او نجم و نور و نازعات
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| − | آفتابش را زوالی نیست نیست
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| − | منکر او را کمالی نیست نیست
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| − | رحمت حق صحبت احرار او
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| − | قہر یزدان ضربت کرار او
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| − | گرچہ باشے عقل کل از وی مرم
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| − | زانکہ او بیند تن و جان را بہم
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| − | تیز تر نہ پا بہ را یرغمید
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| − | تا ببینی آنچہ می بایست دید
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| − | کندہ بر دیواری از سنگ قمر
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| − | چار طاسین نبوت را نگر"
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| − | شوق راہ خویش داند بے دلیل
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| − | شوق پروازی ببال جبرئیل
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| − | شوق را راہ دراز آمد دو گام
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| − | این مسافر خستہ گردد از مقام
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| − | پا زدم مستانہ سوی یرغمید
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| − | تا بلندیہای او آمد پدید
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| − | من چہ گویم از شکوہ آن مقام
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| − | ہفت کوکب در طواف او مدام
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| − | فرشیان از نور او روشن ضمیر
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| − | عرشیان از سرمۂ خاکش بصیر
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| − | حق مرا چشم و دل و گفتار داد
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| − | جستجوی عالم اسرار داد
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| − | پردہ را بر گیرم از اسرار کل
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| − | با تو گویم از طواسین رسل
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