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| − | ==در معنی اینکہ چون ملت محمدیہ==
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| − | ===در معنی اینکہ چون ملت محمدیہ موسس بر توحید و رسالت است پس نہایت مکانی ندارد===
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| − | جوہر ما با مقامی بستہ نیست<br>
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| − | بادہ ی تندش بجامی بستہ نیست<br>
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| − | ہندی و چینی سفال جام ماست<br>
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| − | رومی و شامی گل اندام ماست<br>
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| − | قلب ما از ہند و روم و شام نیست<br>
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| − | مرز و بوم او بجز اسلام نیست<br>
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| − | پیش پیغمبر چو کعب پاک زاد<br>
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| − | ھدیہ یی آورد از بانت سعاد<br>
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| − | در ثنایش گوہر شب تاب سفت<br>
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| − | سیف مسلول از سیوف الہند گفت<br>
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| − | آن مقامش برتر از چرخ بلند<br>
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| − | نامدش نسبت بہ اقلیمی پسند<br>
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| − | گفت سیف من سیوف اللہ گو<br>
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| − | حق پرستی جز براہ حق مپو<br>
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| − | ہمچنان آن رازدان جزو و کل<br>
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| − | گرد پایش سرمہ ی چشم رسل<br>
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| − | گفت با امت ز دنیای شما<br>
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| − | دوست دارم طاعت و طیب و نسا<br>
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| − | گر ترا ذوق معانی رھنماست<br>
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| − | نکتہ ئی پوشیدہ در حرف "شما"ست<br>
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| − | یعنی آن شمع شبستان وجود<br>
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| − | بود در دنیا و از دنیا نبود<br>
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| − | جلوہ ی او قدسیان را سینہ سوز<br>
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| − | بود اندر آب و گل آدم ہنوز<br>
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| − | من ندانم مرز و بوم او کجاست<br>
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| − | این قدر دانم کہ با ما آشناست<br>
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| − | این عناصر را جہان ما شمرد<br>
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| − | خویشتن را میہمان ما شمرد<br>
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| − | زانکہ ما از سینہ جان گم کردہ ایم<br>
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| − | خویش را در خاکدان گم کردہ ایم<br>
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| − | مسلم استی دل بہ اقلیمی مبند<br>
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| − | گم مشو اندر جہان چون و چند<br>
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| − | می نگنجد مسلم اندر مرز و بوم<br>
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| − | در دل او یاوہ گردد شام و روم<br>
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| − | دل بدست آور کہ در پہنای دل<br>
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| − | می شود گم این سرای آب و گل<br>
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| − | عقدہ ی قومیت مسلم گشود<br>
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| − | از وطن آقای ما ہجرت نمود<br>
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| − | حکمتش یک ملت گیتی نورد<br>
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| − | بر اساس کلمہ ئی تعمیر کرد<br>
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| − | تا ز بخششہای آن سلطان دین<br>
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| − | مسجد ما شد ھمہ روی زمین<br>
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| − | آنکہ در قرآن خدا او را ستود<br>
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| − | آن کہ حفظ جان او موعود بود<br>
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| − | دشمنان بے دست و پا از ہیبتش<br>
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| − | لرزہ بر تن از شکوہ فطرتش<br>
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| − | پس چرا از مسکن آبا گریخت<br>
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| − | تو گمان داری کہ از اعدا گریخت<br>
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| − | قصہ گویان حق ز ما پوشیدہ اند<br>
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| − | معنی ہجرت غلط فہمیدہ اند<br>
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| − | ہجرت آئین حیات مسلم است<br>
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| − | این ز اسباب ثبات مسلم است<br>
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| − | معنی او از تنک آبی رم است<br>
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| − | ترک شبنم بہر تسخیر یم است<br>
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| − | بگذر از گل گلستان مقصود تست<br>
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| − | این زیان پیرایہ بند سود تست<br>
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| − | مہر را آزادہ رفتن آبروست<br>
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| − | عرصہ ی آفاق زیر پای اوست<br>
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| − | ہمچو جو سرمایہ از باران مخواہ<br>
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| − | بیکران شو در جہان پایان مخواہ<br>
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| − | بود بحر تلخ رو یک سادہ دشت<br>
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| − | ساحلی ورزید و از شرم آب گشت<br>
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| − | بایدت آہنگ تسخیر ھمہ<br>
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| − | تا تو می باشی فراگیر ھمہ<br>
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| − | صورت ماہی بہ بحر آباد شو<br>
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| − | یعنی از قید مقام آزاد شو<br>
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| − | ہر کہ از قید جہات آزاد شد<br>
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| − | چون فلک در شش جہت آباد شد<br>
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| − | بوی گل از ترک گل جولانگر است<br>
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| − | در فراخای چمن خود گسترست<br>
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| − | اے کہ یک جا در چمن انداختی<br>
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| − | مثل بلبل با گلی در ساختی<br>
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| − | چون صبا بار قبول از دوش گیر<br>
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| − | گلشن اندر حلقہ ی آغوش گیر<br>
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| − | از فریب عصر نو ہشیار باش<br>
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| − | رہ فتد اے رہرو ہشیار باش<br>
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