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| − | '''اشتراک و ملوکیت'''
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| − | صاحب سرمایہ از نسل خلیل
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| − | یعنی آن پیغمبری بے جبرئیل
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| − | زانکہ حق در باطل او مضمر است
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| − | قلب او مومن دماغش کافر است
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| − | غربیان گم کردہ اند افلاک را
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| − | در شکم جویند جان پاک را
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| − | رنگ و بو از تن نگیرد جان پاک
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| − | جز بہ تن کاری ندارد اشتراک
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| − | دین آن پیغمبری حق ناشناس
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| − | بر مساوات شکم دارد اساس
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| − | تا اخوت را مقام اندر دل است
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| − | بیخ او در دل نہ در آب و گل است
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| − | ہم ملوکیت بدن را فربہی است
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| − | سینۂ بے نور او از دل تہی است
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| − | مثل زنبوری کہ بر گل میچرد
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| − | برگ را بگذارد و شہدش برد
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| − | شاخ و برگ و رنگ و بوے گل ہمان
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| − | بر جمالش نالۂ بلبل ہمان
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| − | از طلسم رنگ و بوے او گذر
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| − | ترک صورت گوی و در معنی نگر
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| − | مرگ باطن گرچہ دیدن مشکل است
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| − | گل مخوان او را کہ در معنی گل است
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| − | ہر دو را جان ناصبور و ناشکیب
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| − | ہر دو یزدان ناشناس آدم فریب
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| − | زندگی این را خروج آن را خراج
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| − | در میان این دو سنگ آدم زجاج
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| − | این بہ علم و دین و فن آرد شکست
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| − | آن برد جان را ز تن نان را ز دست
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| − | غرق دیدم ہر دو را در آب و گل
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| − | ہر دو را تن روشن و تاریک دل
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| − | زندگانی سوختن با ساختن
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| − | در گلی تخم دلی انداختن
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| − | سعید حلیم پاشا
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