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| − | ==در معنی اینکہ نظام ملت غیر ازئین==
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| − | ===در معنی اینکہ نظام ملت غیر ازئین صورت نبنددوئین ملت محمدیہ قرآن است===
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| − | ملتی را رفت چون آئین ز دست<br>
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| − | مثل خاک اجزای او از ہم شکست<br>
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| − | ہستی مسلم ز آئین است و بس<br>
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| − | باطن دین نبی این است و بس<br>
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| − | برگ گل شد چون ز آئین بستہ شد<br>
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| − | گل ز آئین بستہ شد گلدستہ شد<br>
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| − | نغمہ از ضبط صدا پیداستی<br>
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| − | ضبط چون رفت از صدا غوغاستی<br>
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| − | در گلوے ما نفس موج ہواست<br>
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| − | چون ہوا پابند نے گردد، نواست<br>
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| − | تو ہمی دانی کہ آئین تو چیست؟<br>
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| − | زیر گردون سر تمکین تو چیست؟<br>
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| − | آن کتاب زندہ قرآن حکیم<br>
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| − | حکمت او لایزال است و قدیم<br>
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| − | نسخہ ی اسرار تکوین حیات<br>
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| − | بے ثبات از قوتش گیرد ثبات<br>
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| − | حرف او را ریب نے تبدیل نے<br>
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| − | آیہ اش شرمندہ ی تأویل نے<br>
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| − | پختہ تر سودای خام از زور او<br>
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| − | در فتد با سنگ، جام از زور او<br>
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| − | می برد پابند و آزاد آورد<br>
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| − | صید بندان را بفریاد آورد<br>
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| − | نوع انسان را پیام آخرین<br>
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| − | حامل او رحمة للعالمین<br>
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| − | ارج می گیرد ازو ناارجمند<br>
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| − | بندہ را از سجدہ سازد سر بلند<br>
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| − | رہزنان از حفظ او رہبر شدند<br>
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| − | از کتابی صاحب دفتر شدند<br>
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| − | دشت پیمایان ز تاب یک چراغ<br>
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| − | صد تجلی از علوم اندر دماغ<br>
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| − | آنکہ دوش کوہ بارش بر نتافت<br>
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| − | سطوت او زہرہ ی گردون شکافت<br>
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| − | بنگر آن سرمایہ ی آمال ما<br>
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| − | گنجد اندر سینہ ی اطفال ما<br>
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| − | آن جگر تاب بیابان کم آب<br>
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| − | چشم او احمر ز سوز آفتاب<br>
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| − | خوشتر از آہو رم جمازہ اش<br>
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| − | گرم چون آتش دم جمازہ اش<br>
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| − | رخت خواب افکندہ در زیر نخیل<br>
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| − | صبحدم بیدار از بانگ رحیل<br>
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| − | دشت سیر از بام و در ناآشنا<br>
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| − | ہرزہ گردد از حضر ناآشنا<br>
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| − | تا دلش از گرمی قرآن تپید<br>
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| − | موج بیتابش چو گوہر آرمید<br>
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| − | خواند ز آیات مبین او سبق<br>
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| − | بندہ آمد خواجہ رفت از پیش حق<br>
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| − | از جہانبانی نوازد ساز او<br>
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| − | مسند جم گشت پا انداز او<br>
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| − | شہر ہا از گرد پایش ریختند<br>
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| − | صد چمن از یک گلش انگیختند<br>
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| − | اے گرفتار رسوم ایمان تو<br>
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| − | شیوہ ہای کافری زندان تو<br>
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| − | قطع کردی امر خود را در زبر<br>
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| − | جادہ پیمای الی "شئی نکر"<br>
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| − | گر تو میخواہی مسلمان زیستن<br>
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| − | نیست ممکن جز بقرآن زیستن<br>
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| − | صوفی پشمینہ پوش حال مست<br>
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| − | از شراب نغمہ ی قوال مست<br>
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| − | آتش از شعر عراقی در دلش<br>
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| − | در نمی سازد بقرآن محفلش<br>
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| − | از کلاہ و بوریا تاج و سریر<br>
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| − | فقر او از خانقاہان باج گیر<br>
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| − | واعظ دستان زن افسانہ بند<br>
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| − | معنی او پست و حرف او بلند<br>
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| − | از خطیب و دیلمی گفتار او<br>
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| − | با ضعیف و شاذ و مرسل کار او<br>
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| − | از تلاوت بر تو حق دارد کتاب<br>
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| − | تو ازو کامی کہ میخواہی بیاب<br>
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