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| − | '''""غزل""'''
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| − | فنا را بادۂ ھر جام کردند
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| − | چہ بیدردانہ او را عام کردند
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| − | تماشا گاہ مرگ ناگہان را
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| − | جہان ماہ و انجم نام کردند
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| − | اگر یک زرہ اش خوی رم آموخت
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| − | بہ افسون نگاہے رام کردند
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| − | قرار از ما چہ میجوئی کہ ما را
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| − | اسیر گردش ایام کردند
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| − | خودی در سینۂ چاکی نگہدار
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| − | ازین کوکب چراغ شام کردند
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| − | جہان یکسر مقام آفلین است
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| − | درین غربت سرا عرفان ہمین است
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| − | دل ما در تلاش باطلی نیست
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| − | نصیب ما غم بی حاصلی نیست
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| − | نگہ دارند اینجا آرزو را
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| − | سرور ذوق و شوق جستجو را
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| − | خودی را لازوالی میتوان کرد
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| − | فراقی را وصالی میتوان کرد
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| − | چراغی از دم گرمی توان سوخت
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| − | بہ سوزن چاک گردون میتوان دوخت
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| − | خدای زندہ بی ذوق سخن نیست
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| − | تجلی ہای او بی انجمن نیست
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| − | کہ برق جلوۂ او بر جگر زد؟
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| − | کہ خورد آن بادہ و ساغر بسر زد
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| − | عیار حسن و خوبی از دل کیست؟
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| − | مہ او در طواف منزل کیست؟
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| − | الست از خلوت نازی کہ برخاست
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| − | بلی از پردۂ سازی کہ برخاست
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| − | چہ آتش عشق در خاکی بر افروخت
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| − | ہزاران پردہ یک آواز ما سوخت
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| − | اگر مائیم گردان جام ساقی است
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| − | بہ بزمش گرمی ہنگامہ باقی است
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| − | مرا دل سوخت بر تنہائی او
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| − | کنم سامان بزم آرائی او
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| − | مثال دانہ می کارم خودی را
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| − | برای او نگھدارم خودی را
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